पानी कितना पीना चाहिए ?
जो लोग इस सवाल का ऑथेंटिक जवाब ढूंढ रहे है उनके लिए यह ब्लॉग लिखा गया है ।
अगर आप अपनी सिस्टम की ओर थोड़े से भी ज्यादा सतर्क रहेंगे तो आप जान पाएंगे की आपको कब और कितना पानी पीना है । इसके लिए आपको किसी अन्य देश में हो रहे रिसर्च को पढ़ने की जरूरत नहीं है !
पानी और आहार ऐसी चीज़ है जो हमारा शरीर सामने से मांगता है । क्योंकि यह शरीर एक नैचरल इंटेलिजेंस के ज़रिए काम करता है । हर दिन आपको एक ही मात्रा में पानी की आवश्यकता नहीं रहती, यह रोज़ बदलती रहती है ।
1. प्यास क्यों लगती है ?
आपने अनुभव किया होगा कि जब गर्मी ज्यादा होती है तो शरीर से पसीना ज्यादा निकलता है । जिसकी वजह से शरीर थोड़ा ठंडा हो जाता है और शरीर का तापमान थोड़ा कम हो जाता है । ऐसे वक्त में मूत्र प्रवृति भी कम हो जाती है जिससे पानी को बचाया जा शके । यह जो पानी कम हुआ है उसको पूरा करने के लिए प्यास लगती है । शरीर में से जितना ज्यादा पानी कम होगा उतनी ज्यादा प्यास लगेगी ।
अब आपके मन में यह सवाल होगा कि रिसर्च तो यह कहते है कि दिन में 2 से 4 लीटर तक पानी पीना ही चाहिए ।
पर आपको यह भी जान लेना चाहिए की समय समय पर रिसर्च के परिणाम बदलते रहते है ।
आप दिन में चाय, कॉफ़ी, ज्यूस, दूध, छाछ, लस्सी, कोल्ड ड्रिंक्स , फ्रूट्स आदि लेते है जिससे कुछ मात्रामें पानी की पूर्ति हो ही जाती है ।
2. कम पानी किनके लिए ?
अगर आप एयर कंडीशन में ऑफिस वर्क करते है, कुछ ख़ास व्यायाम भी नहीं करते, कोई सपोर्ट नहीं खेलते, चलना भी कम ही रहता है तो आपकी पानी की आवश्यकता कम रहेगी । तब आपको स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए पानी के साथ साथ अन्य प्रवाही द्रव्यों का भी कम या प्यास के मुताबिक ही सेवन करना चाहिए ।
3. ज्यादा पानी किनके लिए ?
अगर आप के शहर में गर्मी ज्यादा रहती है, धूप में याँ खेत में काम करते है, आप जिम जाते है या कोई स्पोर्ट्स खेलते है या फिर कुछ न कुछ व्यायाम करते रहते है तो आपको पानी ज्यादा चाहिए । कितना ज्यादा यह आपको आपका शरीर ही प्यास के ज़रिए बताएगा ।
4. सावधानी कब रखे ?
अगर आप गर्मी से परेशान है, प्यास ज्यादा लग रही है, पसीना भी ज्यादा निकल रहा है फिर भी आप बहुत कम पानी पि रहे है तो आपके शरीर में पानी जरुरी मात्रा से भी कम हो जाएगा और आप डीहाइड्रेशन से बीमार हो सकते है ।
इसी तरह अगर आप बहुत ज्यादा पानी पिए ही जा रहे है तो आपको ओवर हाइड्रेशन हो सकता है जिससे कई बिमारी हो सकती है ।
5. पानी एक साथ ज्यादा पिए या थोडा थोडा पिए ?
एक साथ २- 3 ग्लास पानी पिने से आपकी सिस्टम पर पानी का लोड ज्यादा हो सकता है । अगर आपको पाचन की तकलीफ़ रहती हो तो जब प्यास लगे तब थोडा थोडा करके ही पानी पिए । कई सारे लोगो में एक साथ ज्यादा पानी पिने से पाचन की तकलीफ़ बढती हुई पायी गयी है और उनको सही तरीका सिखाया गया तो काफ़ी जल्दी सुधार देखा गया ।
6. आयुर्वेद क्या कहता है ?
आयुर्वेद एक ऐसा विज्ञान है जहां हर एक छोटी छोटी चीज़ पर काफ़ी बारीकी से सोचा गया है ।
ऋते ग्रीष्म शरदाभ्यां पिबेत् स्वस्थो अपि अल्पशः । (चरक संहिता )
जिसका मतलब है ग्रीष्म और शरद ऋतु यानी जब गर्मी ज्यादा रहती है तब पानी ज्यादा पीना सही है पर इसके अलावा हरेक स्वस्थ व्यक्ति को पानी अपनी प्यास के मुताबिक थोड़ी थोड़ी मात्रा में ही पीना चाहिए ।
7. खाने से पहेले या बाद में कितना पानी पिए ?
आयुर्वेद के अनुसार जिनको अपना वजन कम करना है, जिनको गले की कोई बिमारी रहती हो या शर्दी, खांसी हो तो उनको खाने के बाद सिर्फ थोड़े घूंट ही पानी पीना चाहिए । क्योंकि खाने के बाद ज्यादा मात्रा में पिया गया पानी शरीर में कुछ एसे बदलाव लाता है जिससे यह सब बिमारीयाँ बढ़ने की संभावना रहती है ।
जिनको भूख कम लगती हो, वजन भी बहुत कम रहता हो उनको खाने से पहले ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए । क्योंकि वह पाचक रसों की कार्यक्षमता को कम कर देता है जिससे पाचन ठीक न होने से वजन भी कम रहता है ।
स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम् ।



જ્યારે પેશાબ પીળો આવવા લાગે તો સમજવું શરીર માં પાણી ની જરુર છે
ReplyDeleteसही कहा । पर साथ मे कुछ अन्य रोग एवं अवस्थाओ का भी विचार करना जरूरी है ।
Deleteधन्यवाद